तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
तुम दिलो पर राज करते
कार्य वहीं हो, जो तुम्हारी हुकूम हो,
दुनिया में सबसे रईस अमीर,
नेकदिल कर्मनिष्ट बनाने वाले तुम हो,
दुनिया का हर कोई कर्म मेहनत में निर्भय हो।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
इतना कमाओं बेहिसाब हो दौलत,
जिसे दान करे लगाकर पूरी ताकत।
लोगो के लिए कुछ करो,
छाओं उनके दिल में हो तुम्हारी हुकूमत।
उनके पुत्र, पोषित, इसी काम के लिए तय हो।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
तुम्हें दुनिया में कितने जानते हैं।
कितने लोग तुम्हें पहचानते हैं।
यूॅं गुमनाम जिंदगी नहीं चाहिए।
कितने है जो दुनिया में तुम्हे मानते हैं।
क्यू खुद के नाम पर मात्र संख्या हो।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
सबसे महंगी जीवन-शैली जीने के ढ़ग।
विलाशता से ही भरे हर रंग।
अपनी कर्मों से मेहनत से सोंचो से।
सुख और सफलता की भरी तरंग।
तुम अद्भुत कर्म से शील और विनय हो।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
तुम खाली हाथ आये थे,
पर दुनिया को भर के जाना है।
सुख-दुख के निष्कर्म कर्म में ,
दुनिया कि हर बुराई मिटाना है।
चाहत सोचों से,
युगपुरूष तुम्हारा ही,
स्वर्ग की दिन दिखाना है।
तुम्हारी काया पलट और बदलाव का,
इंतजरा करता जमाना है।
तुम ही दैवीय गुण के संचय हो।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
नाउम्मीदों के उम्मीद हर पल आयेगी।
हर जड़ता में चेतन सी बल आयेगी।
तुम्हारे द्वारा फैलाये सुख के कदमों के साथ,
दुनिया यह दुनिया अवश्य चल आएगी।
तुम एक बार मेहनत की जादूई छड़ी घूमा कर तो देखों।
पल भर में यह दुनिया बदल जायेगी।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
तुम दिलो पर राज करते
कार्य वहीं हो, जो तुम्हारी हुकूम हो,
दुनिया में सबसे रईस अमीर,
नेकदिल कर्मनिष्ट बनाने वाले तुम हो,
दुनिया का हर कोई कर्म मेहनत में निर्भय हो।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
इतना कमाओं बेहिसाब हो दौलत,
जिसे दान करे लगाकर पूरी ताकत।
लोगो के लिए कुछ करो,
छाओं उनके दिल में हो तुम्हारी हुकूमत।
उनके पुत्र, पोषित, इसी काम के लिए तय हो।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
तुम्हें दुनिया में कितने जानते हैं।
कितने लोग तुम्हें पहचानते हैं।
यूॅं गुमनाम जिंदगी नहीं चाहिए।
कितने है जो दुनिया में तुम्हे मानते हैं।
क्यू खुद के नाम पर मात्र संख्या हो।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
सबसे महंगी जीवन-शैली जीने के ढ़ग।
विलाशता से ही भरे हर रंग।
अपनी कर्मों से मेहनत से सोंचो से।
सुख और सफलता की भरी तरंग।
तुम अद्भुत कर्म से शील और विनय हो।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
तुम खाली हाथ आये थे,
पर दुनिया को भर के जाना है।
सुख-दुख के निष्कर्म कर्म में ,
दुनिया कि हर बुराई मिटाना है।
चाहत सोचों से,
युगपुरूष तुम्हारा ही,
स्वर्ग की दिन दिखाना है।
तुम्हारी काया पलट और बदलाव का,
इंतजरा करता जमाना है।
तुम ही दैवीय गुण के संचय हो।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
नाउम्मीदों के उम्मीद हर पल आयेगी।
हर जड़ता में चेतन सी बल आयेगी।
तुम्हारे द्वारा फैलाये सुख के कदमों के साथ,
दुनिया यह दुनिया अवश्य चल आएगी।
तुम एक बार मेहनत की जादूई छड़ी घूमा कर तो देखों।
पल भर में यह दुनिया बदल जायेगी।
तुम सभी के मुख के प्रशंसा भरे लय हो।
करो कुछ ऐसा चहुं ओर तुम्हारी जय हो।
Bhavatmk hai
ReplyDeleteसहृदय धन्यवाद!
DeleteBahut achha sir....keep it up
ReplyDeleteधन्यवाद जी।
Deleteबहुत बढियाँ भाई।।
ReplyDelete🤗🤗🤗🤗🤗🤗
धन्यवाद भाई।
Delete😍😍
ReplyDelete💐💐💐💐💐💐
Deleteहरेक पहलुओं को छू जाने वाली कविता...वाह..आनंद
ReplyDeleteसहृदय धन्यवाद।
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