सोच कर आचरण करे।
सत सोच कर सत आचरण कर सत विचार
नियमित कर्तव्यनिष्ट कर्म को हो तैयार ।
अगर करना हो स्वसपने साकार
बन निरालश तीव्र बन जोश भरा
ज्वार ।।
सोचो सोचो समझो और जानों
हर संभव मेहनत की शक्ति को
पहचानों ।
यादें अतीत है दुख जो बित की
अधिकतम सार्थक मेहनत कर दिन
लाने है जीत की ।।
मनन करें महान विचारों का हो
उसी पर अग्रसर
आत्मबल और दृढसंकल्प से विजय
प्राप्त कर ले समय पर ।
आत्मबल और दृढसंकल्प हो जब अपने
संग
हर संभव मेहनत कर जीवन में भर
ले हर रंग ।।
जो शेष है उसे अभी है पूरा करना
सफलता मिलेगी ही मिलेगी जब
मेहनत पर है मरना ।
लक्ष्य छोड़कर अन्य कुछ सोचना न
गवारा है
लक्ष्य और सिर्फ मेहनत वरना मौत
प्यारा है ।।
प्रगतिवादि विचारधारा के समर्थक ----
श्री अमित प्रमोद सिन्हा जी के कर कलमों से
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