Monday, 13 April 2020

कैसे मैं...............


कैसे मैं......

करोड़ो के लाखों अरमानों को बेकार कर दूॅं

जब तक न भर दूॅं मैं हर बेचैन में राहत

हर गरीब दुखिया हर मरतों में जीवन की चाहत

हर मानव की मासूम फूल जैसे चेहरों में

जब तक न भर दूॅं मैं मुस्कुराहट

जब तक ना मैं हर आॅखों में खुषी का संसार भर दूॅं

-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

कैसे मैं.........

जिन्होंने ने गटर में पड़ें पड़े कीड़ों की जिंदगी जीयें

जिन्होंने ने पैसों के किस्मत से लड़ते हुए हर कर्म किए

जो आये दुसरों के लिए पर उन्के हो न सकें

पैसों की खातीर जी न सकें और अपने दम तोड़ दियें

जब तक न मैं उनके हर सपने साकार कर दूॅ

********************************************************************************************

कैसे मैं.........

जब तक न मैं

जब तक न भर दूॅं तृप्तियों से हर याचक

हर अभावग्रस्त लाचार हर दुख का वाहक

हर बेचारे की बदनसीबी बीमारी बेबसी

जब तक न दूर करू यह जन्म न हो सार्थक

जब तक न मैं हर किसी को खुषी का त्योहार दे दूॅं

कैसे मैं.........

++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++

No comments:

Post a Comment

Please Do Not Enter any Spam Link In the Comment Box.