अभी नहीं तो कभी नही....
जरूरत है जुनून की...
लक्ष्य के लिए मन में,
ज्वाला और रगो में उबलते खून की।
अभी नहीं तो कभी नही....
जरूरत है जुनून की...
समय अनुशासित संचयी जीत,
दृढ़-निश्चय से कर्म नियमित।
शपथपूर्वक कर्म रथ पर लक्ष्य,
निभाने की तलब दण्ड सहित।
और लगातार मेहनत की धून।
अभी नहीं तो कभी नही....
जरूरत है जुनून की...
विषयों के ज्ञान और ज्ञानविद् की,
सदैव और ज्ञान और ज्ञान की मुरीद की।
रोज के स्वप्रेरण से मेहनत से,
सर्वोत्तम आदर्श बनने की जिद्द की।
खोज करने की, पाने की,
जिंदगी की वो सुकून की।
अभी नहीं तो कभी नही....
जरूरत है जुनून की...
जरूरत है जुनून की...
लक्ष्य के लिए मन में,
ज्वाला और रगो में उबलते खून की।
अभी नहीं तो कभी नही....
जरूरत है जुनून की...
समय अनुशासित संचयी जीत,
दृढ़-निश्चय से कर्म नियमित।
शपथपूर्वक कर्म रथ पर लक्ष्य,
निभाने की तलब दण्ड सहित।
और लगातार मेहनत की धून।
अभी नहीं तो कभी नही....
जरूरत है जुनून की...
विषयों के ज्ञान और ज्ञानविद् की,
सदैव और ज्ञान और ज्ञान की मुरीद की।
रोज के स्वप्रेरण से मेहनत से,
सर्वोत्तम आदर्श बनने की जिद्द की।
खोज करने की, पाने की,
जिंदगी की वो सुकून की।
अभी नहीं तो कभी नही....
जरूरत है जुनून की...
Awesome lekh
ReplyDeleteधन्यवाद! मेरे उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।
DeleteGood One Amit
ReplyDeleteधन्यवाद मोनू भाई!
DeleteBehtareen bhai
ReplyDeleteधन्यवाद सितेश भाई! मेरे उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।
Delete👌👌👌👌👌🌻🌻🏵️
ReplyDelete💐💐💐💐💐
DeleteVery nice sirji
ReplyDeleteधन्यवाद जी ।
DeleteNice line sir 👌👌👌
ReplyDeleteVery nice sir
ReplyDeleteधन्यवाद जी।
DeleteKeep growing nice one sir
ReplyDeleteधन्यवाद अलका।
Deleteअमिट लेख ,बहुत सुंदर सर जी 👌👌
ReplyDeleteधन्यवाद जी।
DeleteNice written
ReplyDeleteधन्यवाद! मेरे उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।
DeleteVery nice
ReplyDeleteधन्यवाद! मेरे उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।
ReplyDelete